प्रवशक्षर् केंर -...

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केरीय आयुेदीय वान अनुसंधान पᳯिषद् आयुेद, योग एं ाकृविक विᳰकसा, यूनानी, वस, एं होवियोपैथी (आयुष) िालय के अधीन एक ायशासी वनकाय, भािि सिकाि CENTRAL COUNCIL FOR RESEARCH IN AYURVEDIC SCIENCES An Autonomous Body under Ministry of Ayurveda, Yoga & Naturopathy, Unani, Siddha and Homoeopathy (AYUSH), Government of India www.ccras.nic.in (एक षीय पूण कावलक वपोषी) (ONE YEAR - FULL TIME - SELF FINANCED) वश कर केरीय आयुेदीय दयिोग अनुसंधान संथान, नई ᳰदलली एं िरीय आयुेद पंिकिण अनुसंधान संथान, िरिुऱथी, के िल TRAINING CENTERS Central Ayurveda Research Institute for Cardiovascular Diseases, New Delhi & National Ayurveda Research Institute for Panchakarma, Cheruthuruthy, Kerala पंिकिण सहायक वश कोसण का पाि पंिकिण सहायक वश कोसण का पाि : सूिना सूिना विवका विवका PANCHKARMA ASSISTANT TRAINING COURSE : INFORMATION BROCHURE

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  • केन्द्रीय आयरु्वदेीय वर्वज्ञान अनुसधंान परिषद ्

    आयरु्वेद, योग एर्व ंप्राकृविक विककत्सा, यनूानी, वसद्ध, एर्वं होवियोपथैी (आयषु)

    ितं्रालय के अधीन एक स्र्वायत्तशासी वनकाय, भािि सिकाि

    CENTRAL COUNCIL FOR RESEARCH IN AYURVEDIC SCIENCES

    An Autonomous Body under Ministry of Ayurveda, Yoga & Naturopathy,

    Unani, Siddha and Homoeopathy (AYUSH), Government of India

    www.ccras.nic.in

    (एक र्वषीय – पूर्ण कावलक – स्र्ववर्वत्तपोषी)

    (ONE YEAR - FULL TIME - SELF FINANCED)

    प्रवशक्षर् कें र

    केन्द् रीय आयरु्वदेीय रोदयिोग अनुसधंान संस् थान, नई कदल ली

    एर्व ं

    िाष्ट रीय आयरु्वदे पिंकिण अनसुंधान ससं् थान, िेरुिरुूथी, केिल

    TRAINING CENTERS Central Ayurveda Research Institute for Cardiovascular Diseases, New Delhi

    & National Ayurveda Research Institute for Panchakarma, Cheruthuruthy,

    Kerala

    पिंकिण सहायक प्रवशक्षर् कोसण का पाठ्यक्रिपिंकिण सहायक प्रवशक्षर् कोसण का पाठ्यक्रि :: सिूनासिूना वर्वर्विवर्कावर्वर्विवर्का

    PPAANNCCHHKKAARRMMAA AASSSSIISSTTAANNTT TTRRAAIINNIINNGG CCOOUURRSSEE :: IINNFFOORRMMAATTIIOONN BBRROOCCHHUURREE

    http://www.ccras.nic.in/

  • 1

    सीसीआिएएस का परििय About CCRAS:

    केन्द्रीय आयुर्वेदीय वर्वज्ञान अनुसंधान परिषद ् (सीसीआिएएस), आयुर्वेद, योग एरं्व प्राकृविक

    विककत्सा, यूनानी, वसद्ध, एरं्व होम्योपैथी िंत्रालय (आयषु िंत्रालय), भािि सिकाि के अधीन एक

    स्र्वायत्तशासी वनकाय ह।ै यह भािि िें आयुर्वेद विककत्सा पद्धवि एरं्व सोर्वा-रिग्पा विककत्सा पद्धवि

    िें र्वैज्ञावनक वर्ववध से शोध कायण प्रविपाकदि किने, उसिें सिन्द्र्वय स्थावपि किने, उसका वर्वकास

    किने एर्वं उसे सिुन्नि किन ेहिेु एक शीषण िाष्ट्रीय वनकाय ह।ै

    भािि औि वर्वदशेों िें वर्ववभन्न विककत्सकीय प्रकक्रयाओं हिेु पंिकिण विककत्सकों की सहायिा के वलए

    िकनीकी किणिारियों की भािी किी ह।ै भािि सिकाि न ेइस हिेु प्रिार् पत्र पाठ्यक्रि शुरू किन े

    का वनदशे कदया ह।ै

    डब्ललयूएिओ के वलए भािि सिकाि द्वािा िैयाि कदशावनदशेों के अनुसाि, यह प्रवशक्षर् कायणक्रि

    टाइप 4 सेर्वा प्रदािाओं के वलए िैयाि ककया गया ह।ै

    अभ्यथी को पंिकिण सहायक के एक र्वषण के पूर्णकावलक प्रिार् पत्र प्रवशक्षर् पाठ्यक्रि का अध्ययन

    किना आर्वश्यक होगा । यह पाठ्यक्रि स्र्ववर्वत्तपोषी पाठ्यक्रि के रूप िें आयोविि ककया िाएगा।

    The Central Council for Research in Ayurvedic Sciences (CCRAS) is an autonomous

    body of the Ministry of Ayurveda, Yoga & Naturopathy, Unani, Siddha and

    Homeopathy (Ministry of AYUSH), Government of India. It is an apex body in India

    for the formulation, coordination, development and promotion of research on

    scientific lines in Ayurveda and Sowa-Rigpa system of medicine.

    There is an acute shortage of technical staff for the assistance to the Panchakarma

    practitioners for doing various therapeutic procedures both in India and abroad. Govt.

    of India has instructed to start certificate course in this regard.

    This training programme is prepared for type 4 service providers, as per the guidelines

    prepared by GOI for WHO.

    Candidate requires studying the one year fulltime certificate training course of

    Panchakarma Assistant. This course will be conducted as self finance course.

    उद्देश्य Objectives:

    पंिकिण उपक्रिों के कक्रयान्द्र्वयन िें आयुर्वेकदक विककत्सकों को सहायिा दनेे के वलए प्रवशवक्षि पंिकिण

    सहायक उपलब्लध किर्वाना।

    To make available Panchakarma Assistant for giving assistance to Ayurvedic physicians

    in Panchakarma procedures.

    योग्यिा Eligibility:

    न्द्यनूिि योग्यिा: इंटििीवडएट/ सीवनयि स्कूल सेकें डिी पिीक्षा (कक्षा XII) योग्यिा प्राप्त अभ्यथी (12

    र्वषण की स्कूली वशक्षा)

    Basic Qualification: Candidates with Intermediate/Senior School Certificate

    Examination (Class XII) (12 years of Schooling)

  • 2

    आय ुसीिा Age Limit:

    प्रवशक्षर् सत्र के प्रािवम्भक र्वषण की 1 िनर्विी को 25 र्वषण से किI भािि सिकाि के वनयिानुसाि आय ु

    सीिा िें अनुसूविि िावि / अनुसूविि िनिावि के उम्िीदर्वािों को 5 र्वषण की छूट दी िाएगी एरं्व नॉन

    क्रीिी लेयि (एनसीएल) के ओबीसी उम्िीदर्वािों को 3 र्वषण की छूट दी िाएगीI

    Below 25 years as on 1st January of start of Training Year. 5 years age relaxation will be

    given to SC/ST candidates and 3 years age relaxation will be given to OBC candidates of

    Non Creamy Layer (NCL) as per the norms of Govt. of India.

    वनदशे का िाध्यि Medium of Instruction:

    प्रवशक्षर् / वनदशे का िाध्यि हहदंी / अंगे्रिी होगा । (आर्वश्यकिा अनुसाि क्षेत्रीय भाषाओं िें

    स्पष्टीकिर् औि व्याख्याए ंदी िा सकिी हैं)

    The medium of Instruction will be Hindi / English. (Explanations and Interpretations may

    be given in regional languages as per requirement)

    वशक्षा-सत्र Academic Session:

    पूर्णकावलक प्रवशक्षर् कायणक्रि का शैक्षवर्क सत्र िुलाई िास से अगले र्वषण के िून िास िक एक र्वषण का

    होगा।

    Academic Session of full time Training programme will be one year from July to June of

    next year.

    प्रर्वशे प्रकक्रया Admission procedure:

    िई के िहीने िें 1 हहदंी औि 1 अंगे्रिी िाष्ट्रीय सिािाि पत्रों औि दो स्थानीय सिािाि पत्रों (क्षेत्रीय

    भाषा िें) िें प्रकावशि वर्वज्ञापन द्वािा आर्वेदन आिंवत्रि ककए िाएगें िथा वर्वज्ञापन सवहि सिूना

    वर्वर्विवर्का, पाठ्यक्रि औि आर्वेदन पत्र परिषद की र्वेबसाइट पि उपलब्लध होंग ेI इस प्रवशक्षर् के बािे

    िें स्थानीय प्रिाि-प्रसाि आउटिीि कायणक्रि गविवर्ववधयों के िाध्यि से, संस्थान र्व अस्पिाल के

    नोरटस बोडण पि िानकािी प्रदर्शणि किके औि वनकटर्विी कॉलेिों र्व संस्थानों िें आईईसी सािग्री के

    वर्वििर् र्व प्रदशणन के द्वािा ककया िायेगा ।

    Applications will be invited in the month of May through a window Advertisement

    published in a National (1 Hindi & 1 English) and two local news papers (in regional

    language) which will also be uploaded on Council’s website (www.ccras.nic.in) along

    with the Information Brochure, Syllabus and Application Form. Local publicity about this

    training course will be done through outreach activity progammes, display of information

    on notice board of Institution & Hospital and through distribution & display of IEC

    material in nearby colleges and institutions.

    http://www.ccras.nic.in/

  • 3

    आर्वेदन पत्र Application Form:

    आर्वेदन पत्र को सिािाि पत्रों िें वर्वज्ञापन के प्रकाशन के बाद परिषद की र्वेबसाइट

    www.ccras.nic.in से डाउनलोड ककया िा सकिा ह।ै वर्ववधर्वि रूप स ेभिे गए आर्वदेन पत्र, संबंवधि

    संस्थान को िविस्टडण/ स्पीड पोस्ट द्वािा अपेवक्षि स्र्वप्रिावर्ि दस्िार्वेिों औि रु.500.00 के वडिांड

    ड्राफ्ट, िोकक ‘A.C.R.I.’ के प्रवि New Delhi (Indian Overseas Bank, West Punjabi Bagh

    Branch (000687) िें दये हो अथर्वा ‘National Research Institute of Panchakarma’ के प्रवि

    Shoranur (State Bank of India Branch (000760) in Kerala) िें दये हो, सवहि 10 िनू िक या

    उससे पहले पहुँिना िावहये I

    Application Form may be downloaded from the Council’s website www.ccras.nic.in after

    publication of Advertisement in Newspapers. Duly filled in application form is to be

    submitted to the concerned institute by Registered/Speed Post along with self-attested

    requisite documents and Demand Draft of Rs.500.00 drawn in favor of ‘A.C.R.I.’,

    payable at New Delhi (Indian Overseas Bank, West Punjabi Bagh Branch (000687), OR

    ‘National Research Institute of Panchakarma’ payable at Shoranur (State Bank of

    India Branch (000760) in Kerala) on or before 10th

    June.

    ियन प्रकक्रया Selection Procedure:

    इस प्रवशक्षर् िें प्रर्वेश बािहर्वीं कक्षा िें प्राप्तांक की र्विीयिा के आधाि पि ककया िाएगा | ियवनि

    अभ्यर्थणयों की सूिी 20 िून िक परिषद की र्वेबसाइट पि अपलोड की िाएगी एरं्व संस्थान के सूिना

    पट्ट पि भी प्रदर्शणि की िाएगी | रिक्त स्थानों, यकद कोई होिा ह ैिो, की पूर्िण किन े के वलए एक

    प्रिीक्षा सिूी भी िैयाि की िाएगी | वनदशेक / प्रभािी का वनर्णय अभ्यर्थणयों के ियन िें अंविि होगा |

    यकद कोई छात्र इसके साथ-साथ ककसी ििह के सिान या अन्द्य परू्णकावलक पाठ्यक्रि िें प्रर्वशे वलया

    हआ पाया िािा ह,ै िो उसका प्रर्वशे स्र्विः िद्द सिझा िाएगा |

    Admission in this course will be made on the basis of Merit of marks obtained in 12th

    Class. The list of selected candidates will be uploaded on Council’s website by 20th

    June

    and will also be displayed at Notice Board of the Institute. A waiting list will also be

    made to fulfill the vacant seats, if any. The decision of the Director/ In-charge will be the

    final in selection of candidates. If any student is found to be joined any similar or

    different full time course at elsewhere, his/her admission will be deemed cancelled.

    छात्रार्वास सवुर्वधा Hostel facilities:

    प्रवशक्षर् पाठ्यक्रि के प्रविभावगयों को आर्वास औि बोर्डिंग आकद की स्र्वयं व्यर्वस्था किनी होगी | इस

    पाठ्यक्रि के छात्रों के वलए कोई छात्रार्वास सुवर्वधा उपलब्लध नहीं ह ै|

    Accommodation and boarding of the participants in the training course should be

    arranged by themselves. No Hostel facility is available for the students of this course.

    http://www.ccras.nic.in/http://www.ccras.nic.in/

  • 4

    प्रर्वशे क्षििा Intake capacity:

    सीटों की सखं्या: कुल सीटें 30 प्रवि संस्थान हैं, विसिें से 50% सीटें पुरुष औि 50% सीटें िवहला

    अभ्यर्थणयों के वलए हैं | ककसी भी हलंग की अनुपलब्लधिा के िािले िें, आिवक्षि सीटों को अन्द्य हलंगों के

    वलए आर्वंरटि ककया िाएगा |

    Number of Seats: Total seats are 30 per Institute, out of which there are 50% seats are

    for Male and 50% seats are for female candidates. In case of non-availability of any

    gender, reserved seats will be allocated to other gender.

    शलुक Fees:

    पाठ्यक्रि शलुक : पाठ्यक्रि शुलक रु.30,000 (िीस हिाि रुपये) प्रवि छात्र प्रवि र्वषण ह ै | शुलक िीन

    ककश्िों िें रु.10,000 / - प्रवि ककश्ि दये होगा (प्रर्वेश के सिय िुलाई िें पहली ककश्ि, नर्वंबि िें दसूिी

    ककश्ि औि िािण िें िीसिी ककश्ि) ।

    Course Fee: The course fee is Rs.30,000 (Thirty thousand rupees) per student per year.

    The fee will be charged in three installments @Rs.10,000/- per installment (1st installment

    in July at the time of admission, 2nd

    installment in November and 3rd

    installment in

    March).

    पिीक्षा शुलक : रु.1000 (एक हजाि रुपये) के पिीक्षा शुलक का भुगिान पाठ्यक्रि शुलक की िीसिी

    ककश्ि के साथ ही किना होगा। संबंवधि संस्थान द्वािा िैयाि ककए गए औि उपलब्लध किाए गए पिीक्षा

    फॉिण भी पिीक्षा शुलक के साथ प्रवशक्षु द्वािा भि कि ििा ककए िाएगें।

    Examination fee: Examination fee of Rs.1000 (One thousand rupees)is to be paid along

    with 3rd

    installment of course fee. The Examination Form, devised and provided by the

    concerned institute, will also be filled up and submitted by the trainee along with

    examination fee.

    एक बाि शलुक ििा होन ेके बाद कोई शलुक र्वापस नहीं ककया िायगेा I

    No refund will be allowed once any of the fees is deposited.

    प्रवशक्षर् ससं्थान Training Institutes:

    पाठ्यक्रि वनम्नवलविि संस्थानों के पंिकिण अनुभाग िें आयोविि ककया िाएगा:

    केन्द् रीय आयुर्वेदीय रोदयिोग अनुसंधान संस् थान, िोड नं. 66, पंिाबी बाग (पविि), नई कदलली-

    110026, दिूभाष 011-25229448, ई-िेल: [email protected]

    िाष्ट रीय आयुर्वेद पंिकिण अनुसंधान संस् थान, िेरुथुरुथी, वत्रशूि विला, र्वाया शोिानूि, केिल -

    679531, दिूभाष 04884-262543, ई-िेल: [email protected]

    mailto:[email protected]:[email protected]

  • 5

    संबंवधि संस्थान के वनदशेक/प्रभािी (सीएआिआईसीडी, नई कदलली औि एनआिआईपी, िेरुथुरुथी)

    पाठ्यक्रि के वलए पूर्ण प्रभािी होंगे| वनदशेक/प्रभािी वनदशेक एक सहायक वनदशेक (आय.ु) / अनुसंधान

    अवधकािी (आयु.) को पाठ्यक्रि सिन्द्र्वयक के रूप िें नाविि किेंगे।

    The course will be conducted in the Panchakarma section of the following Institutes:

    Central Ayurveda Research Institute for Cardiovascular Diseases (CARICD), Road

    No.66, Punjabi Bagh (West), New Delhi–110026, Ph. 011-25229448, E-mail: acri-

    [email protected]

    National Ayurveda Research Institute for Panchakarma (NARIP), Cheruthuruthy,

    Thrissur Distt., Via Shoranur, Kerala-679531, Ph. 04884-262543, E-mail: nrip-

    [email protected]

    Director/In-charge, of the concerned institute (CARICD, New Delhi and NARIP,

    Cheruthuruthy) will be the overall in-charge of the course. Director/In-charge will

    nominate one Assistant Director (Ay.)/ Research Officer (Ay.) as the course coordinator.

    पाठ्यक्रि का स्र्वरुप र्व अर्ववध Design & Period of Course:

    यह एक पूर्णकावलक, वनयविि र्व गैि आर्वासीय पाठ्यक्रि ह ैऔि कक्षाए ंसभी कायण कदर्वसों िें 9:00

    बि ेपूर्वाणह्न से 1:00 बिे औि 1:30 बिे से अपिाह्न 4:00 बिे िक आयोविि की िायेंगी।

    This is a full time, regular & non residential course and the classes will be conducted in all

    working days from 9:00 AM to 1:00 PM and 1:30 PM to 4:00 PM.

    पिंकिण स ेसबंवंधि आयरु्वदे के िलूभिू वसद्धािंों िें पाठ्यक्रि

    Syllabus in Fundamentals of Ayurveda Related to Panchakarma:

    पंिकिण प्रकक्रयाओं के संबंध िें आयुर्वेद के िूलभूि वसद्धािं|

    पूर्वणकिण (पािन, दीपन, स्नेहन, स्रे्वदन, र्वाह्य उपिाि)|

    प्रधानकिण (र्विन, वर्विेिन, बवस्ि, नस्य, िक्तिोक्षर्)|

    संसिणन क्रि, आहाि एर्वं औषध कलपना|

    Basic Principles of Ayurveda in relation to Panchakarma practices

    Poorvakarma (Pachana, Deepana, Snehana, Swedana, External Treatment)

    Pradhanakarma (Vamana, Virechana, Basti, Nasya, Raktamokshana)

    Samsarjana Krama, Ahara & Aushadha Kalpana

    mailto:[email protected]:[email protected]:[email protected]:[email protected]

  • 6

    पाठ्यक्रि के वनयविि / िानद / अविवथ सकंाय एर्व ंयात्रा कायणक्रि Regular / Honorary

    / Visiting Faculty of the Course and Tour Programme:

    संस्थान के वनयविि किणिािी, संस्थान के पंिकिण, कायविककत्सा औि अन्द्य वर्वषयों के विककत्सक,

    अविवथ सकंाय औि आयुर्वदे के अन्द्य वर्वद्वान पाठ्यक्रि के सकंाय के रूप िें सेर्वाए ं प्रदान किेंगे ।

    प्रवशक्षुओं को प्रवशक्षर् के आवििी वििाही िें दशे के अन्द्य पंिकिण कें र िें 15 कदन का

    परिदशणन/प्रवशक्षर् कदया िाएगा। यात्रा कायणक्रि के वलए प्रवशक्षुओं का यात्रा, आर्वास औि बोर्डिंग का

    ििण स्र्वयं उनके द्वािा र्वहन ककया िाएगा िथा सह-अवधकािी के यात्रा र्व दवैनक भत्ते का र्वहन

    सम्बवन्द्धि संस्थान द्वािा ककया िायेगा।

    The regular staff of the Institute, Doctors from Panchakarma, Kayachikitsa and other

    disciplines of the Institute, Guest Faculty and other Scholars of the Ayurveda will render

    the services as faculty of the course. Trainees will be given a 15 days training/exposure in

    other Panchakarma Center of the Country in last quarter of their training. The travelling,

    lodging and boarding expenses of the trainees for the tour programme will be borne by

    themselves and TA/DA of accompanying officer will be borne by concerned Institute.

    आकलन औि पिीक्षा Assessment and Examination:

    िोगी सिुक्षा औि पंिकिण के योग्य अभ्यास को सुवनविि किन े के वलए, स्र्विंत्र पिीक्षा की व्यर्वस्था

    आर्वश्यक ह।ै प्रवशक्षर् के सपूंर्ण कायणक्रि के पूिे होन े पि, िून के िहीन े िें पंिकिण िें प्रवशक्षु की

    सैद्धांविक औि नैदावनक क्षििा का स्र्विंत्र रूप से वलविि औि प्रायोवगक पिीक्षाओं के िाध्यि से

    िूलयांकन ककया िाएगा। वनधाणरिि पाठ्यक्रि के अनुसाि 4 वलविि प्रश्न पत्र होंगे विसिे िंड ‘अ’ औि

    िंड ‘ब’ होगा । प्रत्येक वलविि पत्र अलग-अलग कायण कदर्वस पि आयोविि ककया िाएगा। वलविि

    पिीक्षा पूिी होने के बाद, प्रायोवगक पिीक्षा ली िाएगी ।

    दोनों वलविि औि प्रायोवगक पिीक्षाओं के वलए एक बाहिी पिीक्षक ककसी भी िान्द्यिा प्राप्त

    वर्वश्ववर्वद्यालय / संस्थान / कॉलेि/ विककत्सालय से पंिकिण वर्वशेषज्ञ होंगे औि र्वह प्रत्येक उत्ति-

    पुवस्िकाओं के एक भाग को भी िांिेंगे। दोनों वलविि औि प्रायोवगक पिीक्षाओं के वलए एक आंिरिक

    पिीक्षक संबंवधि संस्थान स ेहोंगे औि र्वह पािस्परिक सहिवि से सभी उत्ति-पुवस्िकाओं के शेष भाग

    को िांिेगें | संस्थान के वनदशेक / प्रभािी औि सिन्द्र्वयक पिीक्षा के पिीक्षकों के नािांकन, प्रश्नपत्रों के

    वनिाणर्, उत्ति-पुवस्िकाओं की िांि, प्रायोवगक पिीक्षा की िैयािी औि पिीक्षा परिर्ाि िैयाि किन े

    औि घोवषि किने की पूिी प्रकक्रया की गोपनीयिा बनाए ििेंगे।

    In order to ensure patient safety and the qualified practice of Panchakarma, a system of

    independent examination is necessary. On completion of the full programme of the

    training, the trainee’s theoretical and clinical competence in Panchakarma will be

    independently evaluated through written and practical examinations in the month of June.

    There will be 4 written question papers each consisting of Part A & Part B as per

    prescribed syllabus. Each written paper will be held on separate working day. After

    completion of written examination, the practical examination will be done.

  • 7

    One external Examiner for the both written and practical examinations will be the

    Panchkarma Expert from any recognized University/Institute/College/ Hospital and he

    will also check one part of each Answer Sheet. One Internal Examiner for the both

    written and practical examinations will be from the concerned Institute and he will also

    check remaining part of each Answer Sheet in mutual consensus for selection of either

    part of all answer sheets. Director/In-charge of the Institute and Coordinator will maintain

    secrecy of the whole examination process including nomination of examiner, setting of

    question paper, checking of answer sheets, conduction of practical examination and

    preparation and declaration of result.

    पिीक्षा अनसुिूी Examination Schedule:

    (क) वलविि पिीक्षा : (िाि वलविि प्रश्न पत्र)

    प्रश्न पत्र 1 (िडं अ औि ब ): पंिकिण प्रथाओं के संबंध िें आयुर्वेद के िूलभूि वसद्धािं

    प्रश्न पत्र 2 (िडं अ औि ब): पूर्वणकिण (पािन, दीपन, स्नेहन, स्रे्वदन, र्वाह्य उपिाि )

    प्रश्न पत्र 3 (िडं अ औि ब): प्रधानकिण (र्विन, वर्विेिन, बवस्ि, नस्य, िक्तिोक्षर्)

    प्रश्न पत्र 4 (िडं अ औि ब): पिात्किण (संसिणन क्रि , आहाि एर्वं औषध कलपना)

    (ि) प्रायोवगक पिीक्षा: (िाि प्रायोवगक पिीक्षाए)ं

    िाि प्रायोवगक पिीक्षाए ंअथाणि् दो प्रिुि प्रायोवगक, एक लघु प्रायोवगक औि एक आहाि औि

    औषध कलपना प्रायोवगक ।

    (A) Theory Examination: (Four Theory Papers)

    Paper 1 (Part A&B): Basic Principles of Ayurveda in relation to Panchakarma

    practices

    Paper 2 (Part A&B): Poorvakarma (Pachana, Deepana, Snehana, Swedana,

    External treatment)

    Paper 3 (Part A&B): Pradhanakarma (Vamana, Virechana, Basti, Nasya,

    Raktamokshana )

    Paper 4 (Part A&B): Pashchatkarma (Samsarjana Krama, Ahara & Aushadha

    Kalpana)

    (B) Practical Examination: (Four Practical Examinations)

    Four practical examinations viz. Two major practicals, one minor practical and

    one Ahara & Aushadha Kalpana practical

  • 8

    उपवस्थवि Attendance:

    वलविि औि प्रायोवगक दोनों कक्षाओं िें 75% उपवस्थवि पिीक्षा के वलए छात्र को अनिुवि दनेे के वलए

    आर्वश्यक ह।ै

    75% of the attendance both in theory and practical is essential to allow the student for the

    examination.

    परिर्ाि Result:

    प्रवशक्षु के प्रवशक्षर् की सफलिा की घोषर्ा किन े के वलए वलविि एरं्व प्रायोवगक दोनो पिीक्षाओं िें

    न्द्यूनिि 50% अंक प्राप्त किना अवनर्वायण होगा । पिीक्षा का परिर्ाि 30 िून िक परिषद की र्वेबसाइट

    पि अपलोड ककया िाएगा औि संस्थान के सूिना पट्ट पि भी प्रदर्शणि ककया िाएगा ।

    यकद कोई उम्िीदर्वाि पिीक्षा उत्तीर्ण किने िें वर्वफल िहिा है िो र्वह रु.1000.00 के पिीक्षा शुलक के

    साथ नया पिीक्षा फािण ििा किके पुन: पिीक्षा के वलए आर्वेदन कि सकिा ह ै िो िीन िहीने के बाद

    वसिंबि िें आयोविि की िाएगी । इस दौिान, सिन्द्र्वयक की अनुिवि लकेि ककसी भी अविरिक्त शुलक

    के भुगिान के वबना र्वह अपने ज्ञान की पूर्िण के वलए वलविि औि प्रायोवगक कक्षाओं िें भाग ले सकिा

    ह ै।

    Minimum 50% of marks should be obtained separately in theory and practical to declare

    the candidate has completed his/her training successful. The Result will be uploaded on

    Council’s website by 30th

    June and will also be displayed at Notice Board of the Institute.

    If any candidate fails to pass the examination, he may apply for re-examination on

    submission of fresh examination form along with examination fee which will be

    conducted after three months i.e. in September. Meanwhile, he may attend theory and

    practical classes, with the permission of the Coordinator, to revise his knowledge without

    paying any extra fee.

    दये प्रिार् पत्र Award of Certificate:

    वलविि औि प्रायोवगक पिीक्षा दोनों िें प्रवशक्षुओं के सफल सिापन पि सीसीआिएएस द्वािा पंिकिण

    सहायक प्रिार् पत्र प्रदान ककया िाएगा |

    On successful completion of both Theory and Practical examination, trainee will be

    awarded a Panchakarma Assistant Certificate by CCRAS.

  • 9

    प्रवशक्षर् के लाभ Outcome of Training:

    पाठ्यक्रि वर्वशेष रूप से पंिकिण उपक्रिों के कक्रयान्द्र्वयन िें आयुर्वेकदक विककत्सकों की सहायिा के वलए

    ह ै | पंिकिण सहायक / िैसुअि के पद के वलए पूिे भािि / वर्वदशे िें वर्ववभन्न आयुर्वेकदक

    संस्थानों/अस्पिालों िें नौकिी पाने के वलए यह बहि ही िददगाि है | िथावप, प्रवशक्षर् पूिा होने औि

    प्रिार् पत्र दनेे के बाद, सीसीआिएएस या आयषु िंत्रालय, परिषद या िंत्रालय िें ककसी भी ििह का

    सर्वैिवनक/अर्वैिवनक या िानद अथर्वा अंशकावलक या पूर्णकावलक िोिगाि उपलब्लध किान े/ सुवनविि

    किाने के वलए वजम्िेदाि नहीं होगा ।

    The course is specially aimed for the assistance to the Ayurvedic physicians in

    Panchakarma procedures. It is very helpful for getting the job at various Ayurvedic

    Institutes/ Hospitals in all over India/abroad for the Post of Panchakarma

    Assistant/Masseur. However, after completion of the training and award of certificate, the

    CCRAS or Ministry of AYUSH shall not be responsible to provide/ensure any kind of

    paid or honorary, part-or-full-time employment in the Council or Ministry.

    वर्वर्वाद Dispute:

    इस प्रवशक्षर् कायणक्रि से सबंंवधि सभी वर्वर्वाद केर्वल सबंंवधि संस्थान (नई कदलली या िेरुथुरुथी) के

    न्द्यावयक क्षेत्र िें ही होंगे।

    All disputes pertaining to this training programme shall fall within the jurisdiction of

    concerned Institute (New Delhi or Cheruthuruthy) only.

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