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  • 30)

    1)

    4.

    Correct Answer :-

    1.

    2.

    3.

    4.

    Correct Answer :-

    Topic:- General Hindi(L2GH)

    ‘इस तरह अं�ेज़ी पढ़ोगे, तो िज़ंदगी-भर पढ़ते रहोगे और एक हफ़� न आयेगा। अं�ेज़ी पढ़ना कोई हँसी-खेल नही ंहै िक जो चाहे पढ़ ले, नही,ं ऐरा-गैरा न�ू-खैरा सभी अं�ेज़ी के िव�ान् हो जाते। यहाँ रात-िदन आँख� फोड़नी पड़ती है और ख़ून जलाना पड़ता है, तब कही ंयह िवधा आती है। और आती �ा है, हाँ, कहने को आ जाती है। बड़े-बड़े िव�ान् भी शु� अं�ेज़ी नही ंिलख सकते, बोलना तो दूर रहा। और म� कहता �ँ, तुम िकतने घोघंा हो िक मुझे देखकर भी सबक नही ंलेते। म� िकतनी मेहनत करता �ँ, तुम अपनी आँखो ंदेखते हो, अगर नही ंदेखते, जो यह तु�ारी आँखो ंका कसूर है, तु�ारी बु�� का कसूर है। इतने मेले-तमाशे होते है, मुझे तुमने कभी देखने जाते देखा है, रोज ही ि�केट और हॉकी मैच होते ह�। म� पास नही ंफटकता। हमेशा पढ़ता रहता �ँ, उस पर भी एक-एक दरजे म� दो-दो, तीन-तीन साल पड़ा रहता �ँ िफर तुम कैसे आशा करते हो िक तुम यो ंखेल-कूद म� व�, गँवाकर पास हो जाओगे? मुझे तो दो ही तीन साल लगते ह�, तुम उ�- भर इसी दरजे म� पड़े सड़ते रहोगे। अगर तु�� इस तरह उ� गँवानी है, तो बेहतर है, घर चले जाओ और मजे से गु�ी-डंडा खेलो। दादा की गाढ़ी कमाई के �पये �ो ंबरबाद करते हो?’

    उपयु�� ग�ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए �� का उ�र बताइये:

    �� न – ग� के अनुसार बड़े-बड़े िव�ान भी:

    1. कड़ी मेहनत नह�ं कर सकत ेह�।

    2. पढ़ाई नह�ं कर सकत ेह�।

    3. अ�ेंजी पढ़ सकत ेह�।

  • 2)

    3)

    4. अ�ेंजी नह�ं �लख सकत ेह�।

    Correct Answer :-

    अ�ेंजी नह�ं �लख सकत ेह�।

    ‘इस तरह अं�ेज़ी पढ़ोगे, तो िज़ंदगी-भर पढ़ते रहोगे और एक हफ़� न आयेगा। अं�ेज़ी पढ़ना कोई हँसी-खेल नही ंहै िक जो चाहे पढ़ ले, नही,ं ऐरा-गैरा न�ू-खैरा सभी अं�ेज़ी के िव�ान् हो जाते। यहाँ रात-िदन आँख� फोड़नी पड़ती है और ख़ून जलाना पड़ता है, तब कही ंयह िवधा आती है। और आती �ा है, हाँ, कहने को आ जाती है। बड़े-बड़े िव�ान् भी शु� अं�ेज़ी नही ंिलख सकते, बोलना तो दूर रहा। और म� कहता �ँ, तुम िकतने घोघंा हो िक मुझे देखकर भी सबक नही ंलेते। म� िकतनी मेहनत करता �ँ, तुम अपनी आँखो ंदेखते हो, अगर नही ंदेखते, जो यह तु�ारी आँखो ंका कसूर है, तु�ारी बु�� का कसूर है। इतने मेले-तमाशे होते है, मुझे तुमने कभी देखने जाते देखा है, रोज ही ि�केट और हॉकी मैच होते ह�। म� पास नही ंफटकता। हमेशा पढ़ता रहता �ँ, उस पर भी एक-एक दरजे म� दो-दो, तीन-तीन साल पड़ा रहता �ँ िफर तुम कैसे आशा करते हो िक तुम यो ंखेल-कूद म� व�, गँवाकर पास हो जाओगे? मुझे तो दो ही तीन साल लगते ह�, तुम उ�- भर इसी दरजे म� पड़े सड़ते रहोगे। अगर तु�� इस तरह उ� गँवानी है, तो बेहतर है, घर चले जाओ और मजे से गु�ी-डंडा खेलो। दादा की गाढ़ी कमाई के �पये �ो ंबरबाद करते हो?’

    उपयु�� ग�ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए �� का उ�र बताइये:

    �� न – ग� म� फटकार लगाने वाले ��� �ा काय� करते ह�?

    1. मेले म� जात ेहै।

    2. पढ़ाई करत ेह�।

    3. अ�ेंजी नह�ं �लख पात ेह�।

    4. मेहनत नह�ं करत ेह�।

    Correct Answer :-

    पढ़ाई करत ेह�।

    ‘इस तरह अं�ेज़ी पढ़ोगे, तो िज़ंदगी-भर पढ़ते रहोगे और एक हफ़� न आयेगा। अं�ेज़ी पढ़ना कोई हँसी-खेल नही ंहै िक जो चाहे पढ़ ले, नही,ं ऐरा-गैरा न�ू-खैरा सभी अं�ेज़ी के िव�ान् हो जाते। यहाँ रात-िदन आँख� फोड़नी पड़ती है और ख़ून जलाना पड़ता है, तब कही ंयह िवधा आती है। और आती �ा है, हाँ, कहने को आ जाती है। बड़े-बड़े िव�ान् भी शु� अं�ेज़ी नही ंिलख सकते, बोलना तो दूर रहा। और म� कहता �ँ, तुम िकतने घोघंा हो िक मुझे देखकर भी सबक नही ंलेते। म� िकतनी मेहनत करता �ँ, तुम अपनी आँखो ंदेखते हो, अगर नही ंदेखते, जो यह तु�ारी आँखो ंका कसूर है, तु�ारी बु�� का कसूर है। इतने मेले-तमाशे होते है, मुझे तुमने कभी देखने जाते देखा है, रोज ही ि�केट और हॉकी मैच होते ह�। म� पास नही ंफटकता। हमेशा पढ़ता रहता �ँ, उस पर भी एक-एक दरजे म� दो-दो, तीन-तीन साल पड़ा रहता �ँ िफर तुम कैसे आशा करते हो िक तुम यो ंखेल-कूद म� व�, गँवाकर पास हो जाओगे? मुझे तो दो ही तीन साल लगते ह�, तुम उ�- भर इसी दरजे म� पड़े सड़ते रहोगे। अगर तु�� इस तरह उ� गँवानी है, तो बेहतर है, घर चले जाओ और मजे से गु�ी-डंडा खेलो। दादा की गाढ़ी कमाई के �पये �ो ंबरबाद करते हो?’

    उपयु�� ग�ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए �� का उ�र बताइये:

    �� न – ‘ऐरा-गैरा’ म� कौन सा समास है?

    1. कम�धारय

    2. �वं�व

    3. त� प�ुष

    4. ��वगु

  • 4)

    5)

    Correct Answer :-

    �वं�व

    ‘इस तरह अं�ेज़ी पढ़ोगे, तो िज़ंदगी-भर पढ़ते रहोगे और एक हफ़� न आयेगा। अं�ेज़ी पढ़ना कोई हँसी-खेल नही ंहै िक जो चाहे पढ़ ले, नही,ं ऐरा-गैरा न�ू-खैरा सभी अं�ेज़ी के िव�ान् हो जाते। यहाँ रात-िदन आँख� फोड़नी पड़ती है और ख़ून जलाना पड़ता है, तब कही ंयह िवधा आती है। और आती �ा है, हाँ,